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शरीर एवं मानस प्रकृति का परिक्षण स्वयं करे

शरीर एवं मानस प्रकृति का परिक्षण स्वयं करे 

यहा  हम शारीरिक एवं मानसिक प्रकृति के बारे में विस्तार से जानेंगे। शारीरिक एवं मानसिक प्रकृति की शारीरिक विशिषताए, मानसिक विशेषताएँ, सामाजिक व्यावहारिक विशेषताएँ इनका विस्तार से अभ्यास करेंगे| इसके सहयोग से आप आपकी शारीरिक एवं मानसिक प्रकृति की परीक्षा कर सकते है 

शरीर एवं मानस प्रकृति का परिक्षण स्वयं करे

देह ( दोष ) प्रकृति के प्रमुख लक्षण 

वातप्रकृति 

शारीरिक विशिषताए :

कृश, शुष्क,क्षीण एवं अविकसित शरीर, दुर्बल, सकीर्ण वक्षः स्थल स्पष्ट रूप से उभरी सिराएँ, करुणापूर्ण व चिड़चिड़ी मुखाकृति , रूखे बाल, भूरे नेत्र, शुष्क , शीत , विदार युक्त , भूरी या काली झुर्रीदार त्वचा, कृष्ण ओष्ट , कृष्ण दंतवेष्ट।  

मानसिक विशेषताएँ :

अस्थिर मन, बुद्धि, अनियमित आहार ग्रहण स्वभाववाला धीरज न रखने वाला , जल्दी मित्रता तोडने वाला, कृतघ्न, प्रलाप करने वाला, जल्दी चलने वाला, कम नींद वाला, अल्पबल, अल्प मैथुनशक्ति वाला , संगीत प्रेमी, नींद में आकाश में उड़ने के सपने देखने वाला, थोड़े कष्ट को ज्यादा बताने वाला होता है।  

सामाजिक व्यावहारिक विशेषताएँ :

अल्प धन, मित्र वाला तथा सांसारिक वस्तुओ का इच्छुक, सनकी स्वभाव वाला, कम सन्तति वाला,हर समय चौकन्ना रहने वाला, ठण्डी चीजों से दूर रहने वाला, हर काम में उतावलापन वाला, कार्य का प्रारम्भ शीघ्र करने वाला किन्तु विघ्न आने पर छोड़ देने वाला होता है।  

पित्त प्रकृति 

शारीरिक विशिषताए :

कृश, सुकुमार, कान्ति युक्त शरीर, गोल वक्षः स्थल , त्वचा स्वच्छ एवं पीत वर्ण, केशो का अभाव, नेत्र भूरे वर्ण के तथा लाल रेखाओं से युक्त, ओष्ट अरुण, हाथ-पैर-नेत्र में जलन, दंतवेष्ट रक्तस्राव युक्त, जिह्वा मलावृत, अरुण वर्ण की एवं मांसल, शरीर से हर समय पसीना एवं दुर्गन्ध आती है।  

मानसिक विशेषताएँ :

अधिक क्षुधा लगने वाला, समय से भोजन करने वाला, विभिन्न स्वादों का प्रेमी, जल्दी एवं तर्कपूर्ण बात करने वाला, मध्य बल एवं मैथुनशक्ति वाला, कष्ट असहिष्णु, मेधावी, अभिमानी और साहसी होता है। 

सामाजिक व्यावहारिक विशेषताएँ :

गिने चुने मित्र वाला, मध्यम आर्थिक स्थिति, भौतिक सुख – साधनों की वस्तुओं को अर्जित करने वाला, अधिक व्यय, कम सन्तति वाला, अकस्मात क्रोधी, हर समय सज – सवर कर रहने वाला, शीघ्र क्रोधी व् शान्त होने वाला , ज्ञान-विज्ञान साधने का इच्छुक परन्तु शीघ्र संतुष्ट होने वाला।  

कफप्रवृति 

शारीरिक विशिषताए :

शरीर मोटा, परिपुष्ट अंग-प्रत्यंग वाला, स्निग्ध त्वचा तथा चौड़े वक्षः स्थल वाला, बाल काले, घुंघराले और चिकने होते है।  आँखे श्वेत और बड़ी बड़ी होती है।  ओठ, दाँत, दंतवेष्ट श्वेताभ अरुण तथा मोटे स्थिर होते है।  शान्त एवं प्रसन्न मुखाकृति वाला। 

मानसिक विशेषताएँ :

स्थिरचित, सोच – समझकर ठोस निर्णय लेने वाला, नियमित आहार लेने वाला, प्रेमपूर्ण व्यवहार वाला, मीठी वाणी वाला होता है।  अधिक मैथुन शक्ति वाला किन्तु एक पत्नीव्रती होता है।  

सामाजिक व्यावहारिक विशेषताएँ :

बहुत मित्र वाला, परिवार में सबका प्रिय, सभी को साथ लेकर चलने वाला, धन-धान्य से समृद्ध, संचय करने वाला, बलवान, सर्व प्रिय होता है।  किसी भी कार्य को आत्मविश्वास से पूरा करने वाला होता है।  

मानस प्रकृति के प्रमुख लक्षण 

सात्विक प्रवृति 

शारीरिक विशेषताएँ :

तेजस्वी, शान्त, मृदु आकृति वाला, अरुणाभ वर्णवाला, न अधिक मोटा न अधिक दुर्बल,स्थिर एवं स्वच्छ नेत्र वाला, उन्नत ललाट युक्त एवं आभायुक्त।  

मानसिक विशेषताएँ :

दयावान, सबको उनका हिस्सा बाँट क्र फिर अपना हिस्सा लेने वाला, आस्तिक, सत्यवान, क्षमाशील, धर्माचरण करने वाला, सबको समान समझने वाला।  

सामाजिक व्यावहारिक विशेषताएँ : 

सभी पर दयाभाव रखने वाला, सभी से प्रेमपूर्वक निर्वाह करने वाला होने से समाज में सबका प्रिय, सबसे स्नेह एवं सहिष्णुता रखने वाला, मृदुभाषी, त्याग की भावना युक्त, आरोग्यवर्द्धक, प्रसादक आहार-प्रिय होता है।  

 राजस प्रकृति 

शारीरिक विशेषताएँ :

तीक्ष्ण आकृति, तीक्ष्ण दृष्टी वाला, कृश किन्तु चंचल शरीर वाला, लालवर्ण की आँखों वाला, चंचल दृष्टी वाला, अधिक भोजन करने वाला, बाल ताम्र वर्ण के, जल्दी सफ़ेद और शीघ्र झड़ने वाले।  

मानसिक विशेषताएँ :

श्रृंगार, सुगन्धप्रिय, सदैव दुःखी रहने वाला ( दुःख का अतिध्यान करने वाला ) , सदैव ऊँचा उठने की सोचने वाला, भ्रमणशील,अहंकारी, दुसरो को छोटा समझने वाला।  

सामाजिक व्यावहारिक विशेषताएँ :

शान शौकत से प्रदर्शन युक्त रहने वाला, मित्रो-रसिकों की महफ़िल सजाने वाला, स्वार्थवश अनेक मित्र बनाने वाला, प्रतिस्पर्धा रखने वाला, ईर्ष्यालु, मौजमस्ती करने वाला, तीक्ष्ण, विदाही मसालेदार भोजन-प्रिय, आकर्षण भरी बाते करने वाला होता है।  

तामस प्रवृति 

शारीरिक विशेषताएँ :

म्लान व् क्रूर आकृति एवं कृष्णाभ वर्ण वाला, स्थूलकाय, म्लान एवं कीचड़ युक्त आँखों वाला, काम में रूचि न रखने वाला, स्वछता – द्वेषी, हर समय सोते रहने वाला।  

मानसिक विशेषताएँ :

सदैव क्रोध – ईर्ष्या युक्त, षडयंत्ररत, व्यभिचार – मिथ्याचार में रूचि रखने वाला, आलसी, दुसरो का हक़ मारने वाला, नीच कर्म में खुद व् दुसरो को प्रवृत्त करने वाला एवं  अनुत्साही होता है।  

सामाजिक व्यावहारिक विशेषताएँ :

गन्दे लोक एवं गन्दा परिवेश रखने वाला, बिना कारण दुसरो से या पड़ोसियों से दुश्मनी रखने वाला, सबसे अलग- थलग, दुष्टता भरे कार्यो में लगा रहने वाला, शंकालु, अकारण द्वेष तथा हानि करने वाला होता है। 

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